Vishnu Dashavatar Part 2 – भगवान विष्णु दशावतार

नृसिंह अवतार – NARSINGH AVTAR नृसिंह अवतार हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार भगवान विष्णु के दस अवतारों में से चतुर्थ अवतार हैं जो वैशाख में शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को … Read More

Vishnu Dashavatar – भगवान विष्णु दशावतार

भगवान विष्णु दशावतार ने दस अवतार लिए थे माना जाता है की भगवान ने अपने हर अवतार में राक्षस का वध करके अपने भक्तो की रक्षा की थी और इन … Read More

VISHNU PURAN PART 9 – विष्णु पुराण नौवा अध्याय

महाराज दशरथ ने पुत्रकामेष्टि यज्ञ बिना किसी विघ्न-बाधा के पूरा कर लिया। यज्ञ कुण्ड से अग्निदेव खीर का पात्र ले प्रकट हुए और उन्होंने यह पात्र राजा दशरथ को प्रदान … Read More

VISHNU PURAN PART 8 – विष्णु पुराण आठवां अध्याय

जमदग्नि मृत व्यक्ति के समान धड़ाम से नीचे गिर पड़े। रेणुका देवी अपने पति के शरीर पर पछाड़ खाकर रोने लगी। उसी समय परशुराम वन से आश्रम लौटे और इस … Read More

VISHNU PURAN PART 7 – विष्णु पुराण सातवां अध्याय

बलि चक्रवर्ती सुतल लोक में पहुँच कर पाताल सम्राट के रूप में प्रतिदिन विष्णु के चरणों की अर्चना करने लगे । इस कारण देवताओं को स्वर्ग और इंद्र को स्वर्ग … Read More

VISHNU PURAN PART 6 – विष्णु पुराण छठा अध्याय

हिरण्यकश्यप ने प्रह्लाद का आलिंगन करके कहा, ‘‘प्रह्लाद, तुम्हारी वजह से इतने साल बाद मुझे विष्णु के साथ लड़ने का मौका मिल गया है।श्श् यों कहते गदा उठाकर नरसिंहावतार के … Read More

VISHNU PURAN PART 5 – विष्णु पुराण पांचवा अध्याय

भगवान विष्णु ने जय और विजय से कहा -‘‘महा मुनियों का शाप झूठा साबित नहीं हो सकता। तुम दोनों मेरे प्रति मैत्री भाव रखते हुए सात जन्मों में तर जाना … Read More

VISHNU PURAN PART 4 – विष्णु पुराण चौथा अध्याय

क्षीर सागर मंथन के समय, राक्षस देवताओं का मज़ाक उड़ाते रहे और अपना पूरा भुज बल दर्शाते हुए सर्पराज को खींचते रहे । देवताओं ने अपने बल का पूरा-पूरा प्रयोग … Read More

VISHNU PURAN PART 3 – विष्णु पुराण तीसरा अध्याय

सूतमहर्षि ने नारदमुनि की कहानी सुनाना प्रारंभ किया – पिछले जन्म में नारद ने एक दासी-पुत्र के रूप में जन्म लिया था। वह दासी एक भक्त के घर में काम … Read More

VISHNU PURAN PART 2 – विष्णु पुराण दूसरा अध्याय

सत्यव्रत की बातें सुनकर मछली समुद्र के बीच पहुँची, एक महा पर्वत की भांति समुद्र की लंबाई तक फैलकर बोली, ‘‘सत्यव्रत, देखा, तुम्हारी वाणी अचूक निकली और अचूक रहेगी। न … Read More